Friday 2 October 2009

"सत्य और अहिंसा का पूजारी"








एक सामान्य व्यक्ति, जो एक बडे साम्राज्य के सामने अड गया।
देश की आज़ादी की ख़ातिर बिना हथियार के लड गया।
सत्य और अहिंसा का वो पूजारी अपने काम से सारे विश्व में अपना और अपने देश का नाम कर गया।
ना तो उसे कोई सत्ता का लालच रहा ना हि कोई पद का।
देश की ख़ातिर जीया औए देश ही की ख़ातिर मर गया।
आज उस महान महात्मा के जन्मदिन पर सारे देशवासीओं को बधाई।

7 comments:

फ़िरदौस ख़ान said...

very nice...

M VERMA said...

सही कहा है

एकलव्य said...

राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी जयंती अवसर पर शुभकामना

महफूज़ अली said...

bahut achcha laga padh ke...

Mithilesh dubey said...

बहुत ही खूबसूरत रचना। आपको भी गांधी दिवस की बधाई

स्वच्छ संदेश: हिन्दोस्तान की आवाज़ said...

बेहतर

Smart Indian - स्मार्ट इंडियन said...

आपको भी राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी की जयंती और अंतर्राष्ट्रीय अहिंसा दिवस की बधाई!