Wednesday 12 August 2009

बंधन




ये बंधन तूटेना ।(2)

चाहे कोई बाधा आये, चाहे आये तूफ़ॉ ।

ये बंधन तूटेना ।(2)

साथ कभी छूटेना…ये बंधन तूटेना

ये बंधन तूटेना ।(2)

मेरी चाहत इतनी ग़हरी, जीतना सागर ग़हेरा।

मेरी चाहत इतनी ऊंची, जितना नभ ये ऊँचा।

हाथ कभी छूटेना…ये बंधन तूटेना

तूँ मेरी साँसों में समाया, तू मेरी आहों में।

दिल की धड़कन नाम पुकारें, तेरा दिन-रातों में।

सांस मेरी छूटेना…ये बंधन तूटेना

तुझको चाहा, तुझको पूजा बनके मीरां मैने।

ढूंढा तुझको हर एक मोड पे बनके राधा मैने।

प्यार मेरा छूटेना… ये बंधन तूटेना ।

7 comments:

विनय ‘नज़र’ said...

बहुत ख़ूब

M VERMA said...

ये बंधन टूटेना
कुछ बन्धन होते ही इतने ही प्यारे कि जी चाहता है कि टूटे ना.
बहुत खूब

mehek said...

मेरी चाहत इतनी ग़हरी, जीतना सागर ग़हेरा।

मेरी चाहत इतनी ऊंची, जितना नभ ये ऊँचा।

हाथ कभी छूटेना…ये बंधन तूटेना

ye bandhan yuhi bana rahe,sunder bhavpurn rachana badhai

ओम आर्य said...

bejod parastuti ..........ye bandhan tutena ek sundar bhaw ki laddiya

अर्शिया अली said...

अति सुन्दर.
( Treasurer-S. T. )

परमजीत बाली said...

सुन्दर गीत है बधाई।

विनय ‘नज़र’ said...

श्री कृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएँ। जय श्री कृष्ण!
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